पंजाब की मुख्य सचिव द्वारा कोविड -19 प्रबंधों सम्बन्धी उच्च स्तरीय समीक्षा मीटिंग

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(चण्डीगढ़) कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने पंजाब निवासियों को भरोसा दिया है कि पंजाब सरकार के पास इससे निपटने के लिए सभी तरह के प्रबंध किये हुए हैं। उन्होंने साथ ही लोगों से अपील की कि इस सबके बावजूद कोरोना को हलके में न लिया जाये और सरकार की तरफ से जारी निर्देशों की पालना पहले की तरह ही की जाये क्योंकि कोरोना का इलाज अभी भी मास्क डाल कर रखना और हाथ सैनेटाईज करते रहना ही है। 

आज वीडियो काँफ्रेसिंग के द्वारा कोविड-19 के प्रबंधों सम्बन्धी एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान उन्होंने ऑक्सीजन और आईसीयू बैंडों की संख्या में और विस्तार करने के निर्देश दिए। हालाँकि पंजाब के 3 मैडीकल कॉलेजों में बैंडों की काफी संख्या है परन्तु फिर भी एहतियात के तौर पर मुख्य सचिव ने संख्या बढ़ाने के लिए कहा जिससे एमरजैंसी की हालत में लोगों का बेहतर इलाज किया जा सके। 

इस समय सरकारी कॉलेज अमृतसर में कुल 1236, पटियाला में 1450 और फरीदकोट में 1025 बैड हैं। ऑक्सीजन वाले बैंडों की संख्या अमृतसर में 450, पटियाला में 600 और फरीदकोट में 301 है जबकि आईसीयू बैडों की संख्या अमृतसर और फरीदकोट में 92-92 और पटियाला में 88 है। इसी तरह कोविड वेंटिलेटर बैड अमृतसर में 87, पटियाला में 67 और फरीदकोट में 71 हैं। 

मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान के प्रमुख सचिव डी.के.तिवाड़ी और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल ने मुख्य सचिव को बताया कि सरकारी मैडीकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलंडरों की कोई कमी नहीं और इसमें और सुधार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ की भर्ती संबंधी प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। मुख्य सचिव ने जरूरत और माँग के अनुसार स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए हरी झंडी देते हुये कहा कि निचले स्तर तक कोरोना की रोकथाम के लिए सार्थक कदम उठाए जाएँ।

इस मौके पर मुख्य सचिव की तरफ से सैंपलिंग बढ़ाने के दिए निर्देशों पर उनको बताया गया कि जल्द ही प्रति दिन 30 हजार सैंपलिंग करनी शुरू कर दी जायेगी जिससे कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की पहचान जल्द से जल्द की जा सके। मुख्य सचिव ने उन इलाकों में सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए जहाँ मामले ज्यादा आ रहे हैं। इस मौके पर मुख्य सचिव ने जिला अधिकारियों को और ज्यादा चैकसी और तनदेही से काम करने के निर्देश जारी किये। उन्होंने कोरोना की मौत दर घटाने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किये। मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी स्तर पर फंडों की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी।

मुख्य सचिव ने कोरोना मामलों को और बढिय़ा तरीके से निपटने के लिए निजी अस्पतालों को भी सरकार का साथ देने, माँगी गई सूचनाएँ समयबद्ध देने और सामाजिक प्रतिबद्धता के अंतर्गत लोगों का बढिय़ा और वाजिब फीस पर इलाज करने के लिए कहा। 

उन्होंने अपील की कि लोग कोरोना के प्रति लापरवाही न बरतें और चैकस रहें क्योंकि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने मास्क डाल कर रखने, हाथ सैनेटाईज करते रहने और सरकार की तरफ से जारी सभी हिदायतों की पालना करने की अपील भी की।

मीटिंग में अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) अनिरुद्ध तिवाड़ी, ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की वित्त कमिशनर सीमा जैन, प्रमुख सचिव वित्त के.ए.पी. सीना, प्रमुख सचिव परिवहन के. सिवा प्रसाद, मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव डी.के. तिवाड़ी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल, पंजाब सरकार के स्वास्थ्य सलाहकार डा. के.के. तलवाड़, डा. राजेश कुमार और सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के डायरैक्टर रवि भगत भी उपस्थित थे। 

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