उन्नत एवं प्रमाणित बीज बोने से उत्पादन में 10-20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

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(रायपुर) उन्नत व प्रमाणित बीज बोने से फसल उत्पादकता में 10-20 प्रतिशत की वृद्धि होती है। स्वस्थ बीज की महत्ता हमारे वेदों में भी वर्णित है। वेदवाक्य ’’सुबीजम सुक्षेत्रें, जायते सम्पदायते’’ का महत्व को नकारा नहीं जा सकता है। इसके गूढ़ अर्थ को समझने और खेती-किसानी के समय इसका प्रयोग करने की जरूरत है। उन्नत किस्म, अच्छी गुणवत्तायुक्त स्वस्थ बीज, उपजाऊ भूमि में बोने से भरपूर उपज होती है।
    

खेती के लिए स्वस्थ बीज बहुत महत्वपूर्ण है। यदि बीज स्वस्थ नहीं है तो बीज के साथ कई रोग एवं बीमारियों फसल में आ जाती है। जैसे -रोगी फसल से उत्पादित रोगयुक्त बीज बोना, बीज के बाहरी एवं अन्दरूनी हिस्से में रोग जनक का होना, निरोगी बीजों में रोगजनक बीज का मिल जाना। इससे किसानों की उनकी मेहनत एवं लागत के बाद भी अपेक्षित उत्पादन प्राप्त नहीं हो पाता है।
    

कृषि अनुसंधानों से यह साबित हो गया है कि शुद्ध, स्वस्थ और उपचारित बीज बोने से 10-20 प्रतिशत तक उत्पादन मेें वृद्धि होती है। कृषि विभाग द्वारा राज्य के किसानों उन्नत व प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो इसके लिए किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीज का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

विभाग द्वारा किसानों को निःशुल्क बीज मिनी किट प्रदाय कर इसके जरिए फसल प्रदर्शन एवं उन्नत बीज उत्पादन के लिए भी आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है। किसानों को सोसायटियों के माध्यम से उन्नत एवं प्रमाणित बीज भी रियायती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गई है। किसानो ंसे समितियों से उन्नत एवं प्रमाणित बीज निर्धारित दर पर प्राप्त कर उसका उपयोग करने तथा बेहतर फसल उत्पादकता प्राप्त करने की सलाह कृषकों को दी जा रही है।
    

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