डेयरी उद्यमिता विकास योजना से लाभान्वित होकर रमेश नाग हुआ आत्मनिर्भर

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(बीजापुर) राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनान्तर्गत बैंक ऋण के माध्यम से श्री रमेश नाग पिता स्व. श्री सुखसिंह ग्राम जैतालूर विकासखण्ड बीजापुर का निवासी है, जो राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनांतर्गत बैंक ऋण के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारा है। वहीं अपना डेयरी व्यवसाय को बढ़ाकर अपने घर परिवार के पालन पोषण बहुत ही अच्छे ढंग से कर पा रहा है। रमेश नाग ने बताया कि वर्ष 2018-19 में राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजनान्तर्गत भारतीय स्टेट बैंक बीजापुर से उन्हंे दस लाख का ऋण स्वीकृत हुआ। जिसके प्रथम किस्त से 6 दूधारु गाय खरीदा जो प्रतिदिन 10-12 लीटर दूध देती थी। छः माह उपरांत फिर से 8 दूधारु गाय खरीदा। जो पहले से अधिक दूध देने वाली दूधारु गायें हैै। इस तरह 14 दूधारु गाय खरीदा जिसका प्रतिदिन दूध का उत्पादन बढ़कर 70-75 लीटर हो गया। जिसको 60 रुपया प्रति लीटर की दर से विक्रय करता हूॅ। इस तरह दो वर्षों में मैने 6 लाख 40 हजार रुपये आय अर्जित किया। गायों को सुरक्षित रखने के लिये मनरेगा द्वारा शेड निर्माण कराया गया है। जिसमें सभी मौसम में पशुधन सुरक्षित रहता है। हितग्राही रमेश नाग बताते है कि पशुओं की सेहत एंव दूध के उत्पादन में वृद्धि के लिये विशेष ध्यान देता हूॅ। जिसके लिये नेपियर घास पौष्टिक आहार एवं पशु चिकित्सा विभाग द्वारा समय-समय पर प्रदत्त पौष्टिक चारा बीज , मक्का , ज्वार की रोपाई कर पशुओें को खिलाता हॅू। जिससे दूध देने की क्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ पशुधन स्वस्थ एवं निरोग रहते है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओ की देखभाल संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान किया जाता है। स्वास्थ्य परीक्षण भी समय-समय पर करते हुए आवश्यक उपचार किंया जाता है।

पशु चिकित्सा विभाग, मनरेगा विभाग सहित शासकीय योजनाओं से लाभान्वित होकर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में प्रशासन का बहुत बड़ा योगदान है। जो मुझे लाभान्वित किया है। अभी माननीय मुख्यमंत्री जी के महत्वाकांक्षी योजना गो-धन न्याय योजना के तहत मैं प्रतिदिन 100 किलोग्राम गोबर बेचता हॅू। जिसका 02 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से प्रतिमाह 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। वर्तमान में शासकीय अनुदान उपरांत शेष ऋण राशि को चुकता कर कर्ज से मुक्त हो चुका हूॅ। कर्ज से मुक्ति पश्चात् मेरी आमदनी भी पहले से बढ़ गयी है, जिससे मैं अपने परिवार के भरण-पोषण बहुत ही अच्छे  ढंग से कर पा रहा हू। शासन के योजना का भरपूर लाभ लेकर मैं अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार पाया। जिसके लिये में शासन-प्रशासन का हमेशा आभारी रहूंगा।