द्विफसली क्षेत्र विस्तार से किसान छत्रपाल बना लखपति

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(रायपुर) द्विफसली क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम और कृषि यंत्र के उपयोग से कास्त लागत में कमी लाते हुए किसान श्री क्षत्रपाल ने इस वर्ष लगभग 7 लाख रूपये की आय खेती से अर्जित किया है। श्री छत्रपाल अन्य किसानों के लिये एक उदाहरण है। 
    

जिले के मस्तूरी विकासखण्ड के ग्राम रिस्दा के किसान श्री छत्रपाल सिंह का पुश्तैनी व्यवसाय खेती है। एम.ए. तक शिक्षा प्राप्त छत्रपाल ने नौकरी करने की नहीं सोची, बल्कि अपने पुश्तैनी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिये श्रम किया। उन्नत तरीकें से खेती करने का फल उसे मिला है।

आज वह अपने परिवार की आधुनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिये सक्षम है। वर्तमान में उसके पास 30 एकड़ खेत है। खेती को बढ़ाने के लिये उसने कृषि विभाग के अधिकारियों से सतत् मार्गदर्शन लिया। कृषि विभाग की योजनाओं के तहत उसे आधुनिक कृषि यंत्र अनुदान में प्राप्त हुआ साथ ही सिंचाई के लिये पम्प और ड्रीप पद्धति से सिंचाई के लिये भी अनुदान प्राप्त हुआ। कृषक भ्रमण कार्यक्रम के तहत वह अन्य राज्यों में भ्रमण कर वहां के किसानों से नई-नई जानकारी प्राप्त कर उसका उपयोग अपने खेती के फायदंे के लिये करता है, साथ ही समय-समय पर होने वाले कृषक प्रशिक्षण में शामिल होकर नई जानकारी प्राप्त करता है।

आधुनिक खेती से उसने इस वर्ष 9 एकड़ में धान उगाकर 5 लाख 33 हजार 850 रूपये की शुद्ध आय प्राप्त किया है। इसी तरह 4 एकड़ में गेंहू लगाकर 92 हजार 500 रूपए, 2 एकड़ मे चना लगाकर 33 हजार 650 रूपए, 1 एकड़ में सरसों लगाकर 21 हजार और 1 एकड़ में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल लगाकर 8 हजार रूपए शुद्ध आय प्राप्त किया। छत्रपाल का कहना है कि द्विफसली क्षेत्र विस्तार, कतार बोनी से खेत में टिकाऊ खेती और मौसम आधारित कृषि कार्य से उसने खेती को लाभदायक बनाया है और अन्य किसानों को भी इसके लिये प्रेरित करना चाहता है।   
    

छत्रपाल ने अपने खेत में घुरवा बनाया है। जहां वह कम्पोस्ट खाद का निर्माण करता है। एक सीजन में वह 40 ट्राली कम्पोस्ट खाद का निर्माण कर लेता है। वह अपने खेतांे में कम से कम रासायनिक खाद और ज्यादा से ज्यादा आर्गेनिक और कम्पोस्ट खाद का उपयोग करता है। 
कृषि से हुये फायदे से उसने अपना व्यवसाय आगे बढ़ाया और इस वर्ष इफको खाद का एजेंसी लिया है। जिससे वह दूसरे किसानों को भी आर्गेनिक खाद उपलब्ध करायेगा।

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