सब्जी बीज उत्पादन से चार लाख की आमदनी कर रहा किसान श्री जमधर

0
16

(रायपुर) छत्तीसगढ़ शासन प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से सबल बनाने के लिए सभी जरूरी संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। किसानों का 2500 रूपए में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हो या जैविक खेती को बढ़ावा देने, ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर रोजगार के नए अवसरों का निर्माण, सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा और बारी कार्यक्रम से किसानों तथा ग्रामीणों की व्यक्तिगत आय में वृद्धि हो रही है।

इसी तारतम्य में कोण्डागांव जिले के ग्राम चलका के प्रगतिशील लघु कृषक श्री जमधर सोंढ़ी पूर्व में पारम्परिक कृषि से वर्ष में अपने 3.5 एकड़ खेत से केवल जीवन निर्वहन हो पाता था। परंतु बीज उत्पादन से जुड़ने के पश्चात उद्यानिकी विभाग द्वारा प्रदत्त सोलर पावर ड्रायर की सहायता से प्रति एकड़ वर्ष में 4 क्विंटल कटेला बीज का उत्पादन कर रहे हैं। जिससे उन्हें वर्ष में शुद्ध रूप से 4 लाख रूपयों की आमदनी प्राप्त हो रही है। ड्रायर प्राप्ति के पूर्व एक एकड़ में करेला फसल से केवल 160 किलो ग्राम बीजों का उत्पादन छमाही मे संभव हो पाता था जबकि ड्रायर प्राप्त होने से अब प्रति एकड़ 210 से 220 किलो ग्राम तक बीज प्रति छमाही उत्पादन हो रहा है।
 
 कृषक श्री सोंढी ने बताया कि पहले वह बीज के परिवक्वता पश्चात फसल की कटाई करके बीजों में नमी मात्रा को बनाये रखने हेतु बीजों को धूप मे सुखाते थे। इससे बीजों में अनियमितता बनी रहती थी एवं चिडियों, पशुओं के खतरे से बीजों को क्षति पहुचती थी। परिणामस्वरूप बीज की गुणवत्ता एवं चमक चली जाती थी और ग्रेडिग पश्चात् भारी मात्रा में (लगभग 15-20 प्रतिशत) हानि उठानी पड़ती थी।

लेकिन उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत वर्ष 2018-19 में सोलर पावर ड्रायर 50 प्रतिशत अनुदान पर प्रदाय किया गया। जिसके लगातार उपयोग से बीजों में समानता, चमक एवं कम मेेहनत से बीजों को मानक अनुसार सूखाकर बीजों कों पैकिंग कर कम्पनी में भेजने की सुविधा प्राप्त हुई। जिससे ग्रेडिग में होने वाली हानि बहुत कम हो गयी है। यह मशीन सोलर एवं विद्युत दोनो से चलती है, जिससे गर्मी के दिनों में सूर्य के प्रकाश एवं खराब मौसम की स्थिति में एक कमरे में सफलतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here