साल 2020 के दौरान पंजाब ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त होने का लक्ष्य किया हासिल

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(चंडीगढ़) पंजाब सरकार के जल सप्लाई और सेनिटेशन विभाग ने साल 2020 में कोरोना के बावजूद लोगों को साफ पानी और सेनिटेशन की सहूलतों में कोई कमी नहीं आने दी। कोविड पाबंदियों के बावजूद जहाँ कई लक्ष्य पूरे कर लिए गए वहीं आने वाले साल में और भी प्राप्तियाँ करने की कोशिश की तरफ कदम तेजी से बड़ा दिए गए हैं।

अधिक जानकारी देते हुये एक प्रवक्ता ने बताया कि साल 2021 की शुरुआत में ही विभाग को एक राष्ट्रीय स्तर के इनाम से सम्मानित किया जा रहा है। अमृतसर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने योग्य पानी की समस्या को दूर करने के लिए किये जा रहे विशेष उपरालों के लिए भारत के नामी ‘सकौच ग्रुप’ की तरफ से 16 जनवरी, 2021 को सम्मान दिया जायेगा। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की तरफ से करवाए गए ‘स्वच्छता दर्पण -2020’ प्रतियोगिता में जिला मोगा और एस.ए.एस. नगर ने देश भर में से पहला स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य गाँवों में खुले में शौच न करने की स्थिति को बनाये रखना, ठोस और तरल कूड़े के प्रबंधन के बारे गाँवों में जागरूकता फैलाना था।

इसके अलावा ‘हर घर सफाई, हर घर पानी’ के लक्ष्य की पूर्ति के लिए राज्य सरकार का 2021 तक पाईपों वाली जल सप्लाई स्कीम के द्वारा हर घर पानी का कनैक्शन मुहैया करवा के ग्रामीण क्षेत्र में साफ पानी की सप्लाई यकीनी बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य सरकार ने 31 मार्च, 2020 को ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त होने का लक्ष्य हासिल कर लिया है।

प्रवक्ता के अनुसार राज्य सरकार की तरफ से अगले दो सालों में 1200 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के साथ 5000 गाँवों में मौजूदा जल सप्लाई योजना में विस्तार करने के लिए प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने बताया कि 1021 फ्लोराइड और आर्सेनिक प्रभावित आबादियों को कवर करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से 1032 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले कुल 10 प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 9 प्रोजेक्टों का काम सौंपा जा चुका है और इन प्रोजेक्टों के दिसंबर 2022 तक चालू होने की संभावना है। इसके अलावा 131 आबादियों में आर्सेनिक और आइरन रिमूवल प्लांट स्थापित करने और 54 आर्सेनिक प्रभावित आबादियों में घरों में पानी शोधक उपकरण (हाऊसहोल्ड प्यूरीफायर) लगाने का काम प्रगति अधीन है।

‘हर घर सफाई’ यकीनी बनाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से हर मकान में अलग शौचालय के निर्माण के लिए अब तक कुल 5 लाख 18 हजार 328 लाभपात्रियों को लाभ दिया गया है। इसके साथ ही एसबीएम -जी फेज़ -2 के अंतर्गत बाकी रहते 62831 अन्य लाभपात्रियों को शामिल किया गया है। गाँवों में खुले में शौच मुक्त होने की स्थिति को कायम रखने और स्वच्छता सहूलतों की 100 प्रतिशत उपलब्धता को यकीनी बनाने के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 800 कम्युनिटी सैनेटरी कम्पलैक्सों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य में आंगणवाड़ी केन्द्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग सैनेटरी सहूलतें मुहैया करवाने की योजना की तरफ भी तेजी से प्रगति की जा रही है।

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