कुक्कुट विज्ञान विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने किया शुभारंभ

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(रायपुर) छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा, दुर्ग अंतर्गत पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय एवं इंडियन पोल्ट्री साइंस एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रविन्द्र चौबे के कर कमलों द्वारा किया गया। मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि कुक्कुट पालन से कुपोषण की समस्या को हल करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है।

किसानों की आय दुगनी करने हेतु पोल्ट्री, डेयरी एवं मत्स्यपालन के क्षेत्र में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय के अनुसंधानों को मैदानी स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा,गरवा,घुरवा,बाड़ी के तहत उन्नत पशुधन संवर्धन संरक्षण व गौठान सुदृढ़ीकरण को सशक्त करने की दिशा में कार्य करने की बात कही।  
  

 सम्मेलन में छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.एन.पी.दक्षिणकर ने किसानों की आय में वृद्धि हेतु कुक्कुट पालन के महत्व को बताया। उन्होंने बताया कि मुर्गी पालन द्वारा कुपोषण एवं बेरोजगारी की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। डॉ.ए.के. मिश्रा, अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड, भारत सरकार ने बताया कि मुर्गी पालन का राष्ट्रीय आय में योगदान लगभग एक लाख करोड़ रूपये है। भारत में मुर्गीपालन का लगभग 70 प्रतिशत संगठित एवं 30 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र से होता है।

डॉ. एम.के. अग्निहोत्री, सहायक महानिदेशक, कृषि अनुसंधान भवन, नई दिल्ली ने बताया कि  इस कांफ्रेंस द्वारा न केवल छत्तीसगढ़ राज्य अपितु पूरे भारत देश को उन्नत कुक्कुटपालन हेतु उचित मार्गदर्शन मिल सकेगा। इस सम्मेलन के आयोजक सचिव एवं अधिष्ठाता पशुचिकित्सा संकाय डॉ.एस.पी. तिवारी ने बताया कि पोल्ट्री इंडस्ट्री भारतीय कृषि में सर्वाधिक विकास दर वाला क्षेत्र है। उन्होनें लाभकारी कुक्कुट उत्पादन हेतु उन्नत जर्मप्लाज्म, संतुलित पोषण की आवश्यकता को चिन्हांकित किया। साथ ही बताया कि वर्तमान में बैकयार्ड कुक्कुट पालन की विकास दर व्यावसायिक कुक्कुट पालन से भी अधिक है।
 

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के करीब 250 वैज्ञानिकगण शामिल हुये। यह इंडियन पोल्ट्री साइंस एसोसिएशन का छत्तीसवां वार्षिक सम्मेलन है जिसका आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य में पहली बार हो रहा है। इस सम्मेलन में कुक्कुट व्यवसाय से जुड़े व्यवसायी एवं कृषकों को कुक्कुट पालन, प्रबंधन, कुक्कुट पोषण, पोल्ट्री पैथोलॉजी, पोल्ट्री ब्रीडिंग तथा पोल्ट्री में होने वाली बीमारियॉ एवं उसकी रोकथाम आदि विषयों पर शोधपत्र, पोस्टर प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इस आयोजन से छत्तीसगढ़ राज्य के साथ-साथ पूरे भारत देश के आगंतुक विद्वानों द्वारा पोल्ट्री साइंस से संबंधित विभिन्न विषयों के लीड पेपर, संदर्भित पत्र एवं नवीनतम अनुसंधान लेखों का पाठ किया जा रहा है। कांफ्रेंस में कुक्कुट पालको की समस्याओं पर गहन विचार विमर्श एवं उसका वैज्ञानिक समाधान सुझाव विषय विशेषज्ञों द्वारा दिये गये।

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