मशरूम उत्पादक महिला कृषक नीरा बनी युवाओं के लिए मिसाल

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(रायपुर) कांकेर जिला मुख्यालय से लगभग 150 किलोमीटर दूर घने वनों के बीच स्थित विकासखण्ड दुर्गूकोंदल के ग्राम कलंगपुरी पुजारीपारा में निवासरत 23 वर्षीय महिला कृषक नीरा सलाम अपने पिता श्री दयाराम के साथ अपने पैतृक जमीन में खेती करती है। नीरा सलाम केवल 7 एकड़ में ही परम्परागत विधि से धान की एकफसलीय खेती करती थी, जिससे वर्ष में केवल 60-70 हजार रूपये की आमदनी होती थी। कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के सम्पर्क में आने के बाद उन्होंने कौशल विकास योजना अंतर्गत मशरूम एवं स्पॉन उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त कर मशरूम की खेती प्रारम्भ की। नीरा प्रारम्भ में एक किलोग्राम प्रतिदिन के हिसाब से मशरूम उत्पादन करने लगी, आस-पास के हाट-बाजार एवं बी.एस.एफ. कैम्प में अच्छी मांग को देखते हुए धीरे-धीरे उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन 15 से 20 किलोग्राम उत्पादन करने लगी। मशरूम उत्पादन कर वह प्रति माह लगभग 20 हजार रूपये तक की मशरूम बेच रही है।
    

मशरूम से प्राप्त आमदनी से नीरा सलाम का सामाजिक स्तर ऊंचा हुआ है साथ ही इस आमदनी का उपयोग वह अपने उन्नत तकनीकी कृषि कार्य में इस्तेमाल कर रही है। कृषि विज्ञान केन्द्र के तकनीकी मागदर्शन से उन्हांेने धान के साथ-साथ मक्का की खेती शुरूआत की और रबी सीजन में मूंग, उड़द की खेती भी करने लगी है, जिससे धान की तुलना में उन्हें अधिक आमदनी प्राप्त हो रही है। मशरूम के प्राप्त आमदनी से उन्होंने अपने लिए एक दोपहिया वाहन क्रय कर लिया, जिससे वे प्रतिदिन भानुप्रतापपुर शहर में एवं रेल्वे स्टेशन तक आकर मशरूम बेचती है। नीरा सलाम अपने क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत बन चुकी है।

वह आस-पास के ग्रामीण युवक-युवतियों और महिलाओं को मशरूम उत्पादन करना भी सीखा रही है साथ ही उन्हंे मशरूम से प्राप्त होने वाले लाभ, पोषण सुरक्षा की जानकारी भी दे रही है। नीरा सलाम, ताजा मशरूम के अलावा सूखा मशरूम 6 सौ रूपये किलोग्राम की दर से विक्रय करती है तथा मशरूम के विभिन्न उत्पाद भी बनाकर बेचने की तैयारी कर रही है। मशरूम उत्पादन कार्य में महिला कृषक को कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर द्वारा समय-समय पर भरपूर योगदान एवं मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।

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