किसानों की ऋण माफी से राज्य में आयी समृद्धि : मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह

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(रायपुर) प्रदेश के सहकारिता और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम आज रायपुर जिले के विकासखण्ड धरसींवा के ग्रामीण सेवा सहकारी समिति कुम्हारी में आयोजित कृषक ऋण माफी तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर 346 किसानों को 73 लाख 68 हजार रूपए के ऋण माफी प्रमाण-पत्र का वितरण किया। समिति द्वारा इस वर्ष खरीफ फसल के लिए सभी 276 पात्र किसानों को अब तक 59 लाख 49 हजार रूपए का ऋण वितरण किया जा चुका है। जिसमें नगद में 37 लाख 26 हजार रूपए, खाद के लिए 20 लाख 51 हजार रूपए और बीज के लिए 1 लाख 72 हजार रूपए का ऋण दिया गया है। डॉ. सिंह ने ग्रामीणों की मांग पर कुम्हारी में कक्षा ग्यारहवीं कक्षा प्रारंभ करने के निर्देश दिए। 
    

डॉ. सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में पहली बार किसान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहला कदम किसानों की ऋण माफी का लिया और उसके बाद धान की खरीदी मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल तय किया। प्रदेश में 18 लाख किसानों का लगभग 11 हजार करोड़ रूपए का ऋण माफ हुआ है। किसानों से 20 हजार करोड़ रूपए की धान खरीदी की गई। सरकार के  इन निर्णयों से किसानों की आमदनी बढ़ी है और राज्य में समृद्धि आई है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों द्वारा राष्ट्रीयकृत वाणिज्यिक बैंक अथवा ग्रामीण बैंक से कर्ज लिए गए थे वर्तमान में अभी उनके खाते में बैंक स्तर पर समायोजन नहीं हो पाया है। इन किसानों को भी सहकारी समितियों द्वारा कर्ज दिया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण विषय यह है कि शासन द्वारा घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुरूप सरकार गठन के बाद तत्काल कर्ज माफी का क्रियान्वयन किया गया। 
  

सहकारिता मंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि सुराजी योजना के तहत खुले घुम रहे मवेशियों को अब दिन में गौठानों में रखा जाएगा। गौठान में रहने से फसल चरी नुकसान से किसानों को मुक्ति मिलेगी। गौठान के समीप ही गोबर खाद एवं वर्मी कम्पोष्ट का निर्माण किया जाएगा। इस खाद से जैविक खेती करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि गोबर से गैस बनाकर खाना बनाने में उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह वर्तमान में भू-जल स्तर में आई गिरावट ने सबको चिन्ता में डाल दिया है। भू-जल स्तर में वृद्धि करने के लिए जल संरक्षण और संवर्धन बेहतर कल के लिए आवश्यक है। हमारे परम्परागत सिंचाई के साधन नरवा को पुर्नजीवित करना आवश्यक है। इसके साथ-साथ पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए वृक्षारोपण करना जरूरी है। हरियाली प्रसार के लिए स्कूलों में खाली स्थान पर वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। घरों में उपयोग होने वाले जल से घर में ही शाक-भाजी का पैदावार किया जा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत बीज वितरण का कार्य भी किया जा रहा है। 
    

कृषक ऋण माफी तिहार कार्यक्रम में उपस्थित धरसींवा विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि सरकार ने आमजनों के हित को ध्यान में रखते हुए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए है। उन्होंने किसानों के कर्जमाफी के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। घर के आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने के साथ-साथ बच्चों के अन्य जरूरतों के चीजों को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने गिरते जल स्तर पर चिन्ता व्यक्त करते हुए हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने का आव्हान किया। इस अवसर पर सहकारी समिति कुम्हारी के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर शुक्ला, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।  

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