खेती-बाड़ी की तरफ बढ़ा रूझान

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(रायपुर) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें हर तरह की सहुलियतें दी जा रही हैं नतीजन किसानों का मनोबल बढ़ा है। किसानों को अब खेती-किसानी के लिए शासन द्वारा बिना ब्याज के आसानी से ऋण मुहैय्या कराया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के किसानों को खेती के लिए इस वर्ष 1 अरब 48 करोड़ रूपए नगद और खाद बीज के रूप में खरीफ कृषि ऋण दिया जायेगा। अब तक 30 हजार से अधिक किसानों को 93 करोड़ 56 लाख से अधिक का ऋण दिया जा चुका है। जो लक्ष्य का 63 प्रतिशत है। सहकारी बैंकों के माध्यम से माह सितम्बर तक किसानों को ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।
  

 कोविड-19 के संक्रमण के दौर में जारी लॉकडाउन में जहां अन्य आर्थिक गतिविधियां ठप हो गयी वही किसानों के लिए यह दौर लाभदायक रहा। लॉकडाउन के दौर में किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा घोषित धान खरीदी मूल्य के अंतर की पूरी राशि प्राप्त हुई। जिससे किसानों को आर्थिक सबल मिला और वे खेती कार्य के लिए भी उत्साहित हुए। शासन के निर्देश पर किसानों को सरलता से कृषि ऋण और समय पर आवश्यकता अनुरूप खाद बीज उपलब्ध हो रहे है। वर्षा भी खेती के अनुकूल है इन कारणों से किसानों का खेती के लिए रूझान बढ़ा है।
  

 बिलासपुर में किसानों को खरीफ ऋण उपलब्ध कराया जायेगा। गत वर्ष इस अवधि में 19 हजार 156 किसानों को 54 करोड़ 86 लाख से अधिक का खरीफ ऋण दिया गया था। किन्तु इस वर्ष इसी अवधि तक 30 हजार से अधिक किसानों को ऋण दिया जा चुका हैं। उन्होनें बताया कि इस वर्ष  किसानों को 1 अरब 48 करोड़ रूपए अल्पकालीन खरीफ कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष 1 अरब 38 करोड़ का यह ऋण दिया गया था। किसानों को खरीफ फसल में सिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 45 हजार रूपए तथा असिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 33 हजार रूपए दी जा रही है। पूर्व में यह राशि प्रति हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र के लिए साढे 37 हजार रूपए तथा असिंचित क्षेत्र के लिए साढ़े 31 हजार रूपए निर्धारित थी।

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