कर्ज माफी और धान की बढ़ी कीमत से किसानों में खुशी की लहर व्याप्त : आगामी सीजन में भी किसानों को धान बेचने पर मिलेगी 2500 रूपए की राशि

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(रायपुर)  छत्तीसगढ़़ की नई सरकार नेे किसानों को कृषि के कर्ज से मुक्ति दिलाने के साथ साथ 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का जो तोहफा दिया है, उससे प्रदेश भर के किसानों में जबरदस्त खुशी और उत्साह का माहौल है।
    

पूरे प्रदेश में 19 लाख से अधिक किसानों के सहकारी एवं सार्वजनिक बैंकों के 10 हजार करोड़ रूपए से अधिक के अल्पकालीन कृषि ऋण माफी करने के निर्णय से ऐसे लाखों किसान भी लाभान्वित हुए हैं, जो बकाया पुराने ऋण चुकता नहीं कर पाने के कारण बैंकों से फिर से ऋण नहीं ले पा रहे थे और अंततः साहूकारों एवं सूदखोरों से कर्ज लेने के लिए विवश थे। ऐसे किसान अब राज्य शासन की शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण योजना में फिर से ग्रामीण अथवा सहकारी बैंकों से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। सबसे बढ़ी बात है कि किसानों को धान की बढ़ी कीमत मिलने से खेती किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और कृृषि के क्षेत्र में आय बढ़ने से अब नए सिरे से वे अपने खेती किसानी ओर ध्यान देने लगे है।
      

राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से सहकारी बैकों से अल्पकालीन ऋण लेने वाले 16 लाख 65 हजार किसानों को 6 हजार 230 करोड़ रूपए और सार्वजनिक क्षेत्र के 21 व्यावसायिक बैंकों के 2 लाख 74 हजार 780 खाता धारक किसानों के 4 हजार 17 करोड़ 74 लाख 83 हजार रूपए का ऋण माफ किया गया है।
    

किसानों को राहत देने के लिए नई सरकार द्वारा 30 नवम्बर 2018 पर बकाया अल्पकालीन कृषि ऋण माफी का भी निर्णय लिया और केवल दस दिनों के भीतर इसका क्रियान्वयन भी किया है। इसके बाद एक नवम्बर 2018 से लिकिंग के माध्यम से राज्य की 1276 सहकारी समितियों के माध्यम से तीन लाख 57 हजार किसानों से वसूल की गई 1283 करोड़ अल्पकालीन कृषि ऋण राशि भी किसानों को फिर से उनके बचत खातों में वापस की गई।
  

 इसी तरह छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां खरीफ मौसम में किसानों से सर्वाधिक 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर धान की खरीदी की गई। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले खरीफ वर्ष के प्रारंभ में किसानों को मोटे धान के लिए 2050 रूपए और पतला धान के लिए 2070 रूपए प्रति क्ंिवटल का भुगतान किया जा रहा था। राज्य शासन ने यह भी घोषणा की है कि आगामी खरीफ सीजन 2019 में भी किसानों से धान की खरीदी 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। इसके लिए राज्य शासन के बजट में पांच हजार करोड़ रूपए का प्रावधान कर दिया गया है। इससे प्रदेश के करीब 17 लाख से अधिक किसानों को अगले वर्ष भी बढी हुई कीमत का सीधा लाभ मिलेगा।

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