किसान विकास चैंबर में करवाया गया राष्ट्रीय स्वै-इच्छुक ख़ूनदान दिवस

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पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी व पंजाब स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजऩ कौंसल की तरफ से आज राष्ट्रीय स्वै-इच्छुक ख़ूनदान दिवस संबंधी राज्य स्तरीय समारोह किसान विकास चैंबर में करवाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब स. बलबीर सिंह सिद्धू ने मुख्य मेहमान के तौर पर पहुंचे। इस दौरान स्वै-इच्छा के साथ ख़ूनदान करने वाली 14 सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने गत वर्ष 2000 से ज्यादा बार ब्लड यूनिटों का प्रबंध करके ब्लड बैंकों को उपलब्ध करवाया। इसी तरह 100 से ज्यादा बार ख़ूनदान करने वाले 17 पुरुष खूनदानियों, 10 से ज्यादा बार ख़ूनदान करने वाली 24 महिला ख़ूनदानी, 6 ब्लड बैंकों, 1 मैडीकल कॉलेज मैडीव 6 ब्लड कंपोनैंट सैपरेशन यूनिटों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि राष्ट्रीय स्वै-इच्छा ख़ूनदान दिवस पर आम लोगों के साथ ख़ूनदानियों को स्वै-इच्छे से ख़ूनदान करने संबंधी प्रेरित किया जाता है। यह दिवस डॉ. जय गोपाल जोली के जन्मदिवस पर मनाया जाता है। डा. जय गोपाल जौली चंडीगढ़ में ही पीजीआइ और सरकारी अस्पताल, सैक्टर-16 में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने देश में ख़ूनदान करने के लिए विशेष योगदान रहा था और उन्हें भारत में ब्लड बैंक का लीडर माना जाता था। इस वर्ष 2020 में भारत सरकार की तरफ से ‘आओ ख़ूनदान करें और कोरोना खिलाफ जंग में योगदान डालें’ विषय पर मनाया जा रहा है। कोरोना महांमारी की मुश्किल घड़ी में ही ख़ूनदानियों ने ख़ून की कोई कमी नहीं आने दी और लॉकडाउन दौरान भी सरकार की तरफ से जारी पास के साथ ज़रूरतमंदों के लिए ख़ूनदान करते रहे हैं। 

स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री, पंजाब ने कहा कि पंजाब के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ख़ून की मुफ्त सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। लोगों की सुविधा के लिए पंजाब में 132 लाइसैंससड ब्लड बैंक हैं, जिनमें 46 सरकारी, 6 मिल्टरी और 80 प्राइवेट अस्पतालों और संस्थाओं की तरफ से चलाए जा रहे हैं। इनके साथ साथ 90 ब्लड बैंकों में ब्लड कंपोनैंट सैपरेशन की सहूलियत प्रदान की गई है। इस सहूलियत के साथ दान किए हुए एक यूनिट खून के साथ चार अमूल्य  ज़िंदगियों को बचाया जा सकता है।

पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के प्रोजैक्ट डायरैक्टर श्री अमित कुमार ने बताया कि पंजाब में भारत सरकार की तरफ से दिए गए टारगेट से भी ज्यादा ब्लड यूनिट एकत्र किया जाता है। वर्ष 2019-20 में खूनदानियों, समाज सेवी संस्थाओं और ब्लड बैंकों के सहयोग के साथ 4,34,795 ब्लड यूनिट एकत्र की गई। हालांकि सरकारी ब्लड बैंकों का 1,80,000 ब्लड यूनिट एकत्र करने का टारगेट था। जबकि पंजाब में 2,26,749 ब्लड यूनिट एकत्र किया गया। 

श्री अमित कुमार ने बताया कि स्वै-इच्छुक और किसी भी नि:स्वार्थ, अच्छे कार्य के लिए और बिना किसी दबाव के खूनदान करना बड़ा दान माना जाता है। स्वै-इच्छा के साथ खूनदान करने वाला व्यक्ति समाज का असली हीरो है। क्योंकि उन्होंने दान किए हुए खून के साथ कई जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों को ज्यादा से ज्यादा ख़ूनदान करने के लिए प्रेरितय किया। 

इस दौरान पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की एडीशनल प्रोजैक्ट डायरैक्टर डा. मनप्रीत छतवाल ने बताया कि सुरक्षित खून चढ़ाना भारत में कानूनी सुरतक्षा के दायरे में आता है। ड्रग एंड कोसमैटिक एक्ट के तहत भारत में कोई भी ब्लड बैंक बिना लाइसैंस से काम नहीं कर सकता। नैशनल ब्लड पॉलिसी के मुताबिक खून चढ़ाने से पहले खून जऱीए फैलने वाली बिमारियां जैसे कि एच.आई.वी., हैपेटाइटिस-बी व सी, सिफलिस और मलेरिया की जांच की जाती है। यह मानक लाइसेंसधार्क ब्लड बैंकों की तरफ से पूरे किए जाते हैं।

इस लिए लोगों से अपील की जाती है कि वह लाइसेंसड ब्लड बैंकों से ही ख़ून प्राप्त करें। इस अवसर पर मंच संचालन प्रोग्राम अफ़सर, आईईसी/बीसीसी श्री शिविंदर सहदेव ने किया। इस अवसर पर एडीसी (विकास) श्री राजीव कुमार गुप्ता, एस.डी.एम. श्री जगदीप सहगल, डायरैक्टर कोऑप्रेटिव बैंक श्री हरकेश चंद शर्मा, ज्वाइंट डायरैक्टर बीटीएस डा. सुनिता देवी, ज्वाइंट डायरैक्टर (सीएसटी) डा. विनय मोहन, डिप्टी डायरैक्टर (एसटीआई) डा. बॉबी गुलाटी, ज्वाइंट डायरैक्टर – आई.ई.सी. श्रीमती पवन रेखा बेरी, ज्वाइंट डायरैक्टर (टीआई) डा. मीनू व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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