कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सामयिक सलाह

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(रायपुर) संचालनालय की कृषि सलाह सेवाओं के वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि सामयिक सलाह दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने बतया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ रहने की संभावना है। अतः किसान भाईयों को सलाह है कि रबी फसलों की बुवाई करने के पश्चात यदि मृदा में बीज के अंकुरण हेतु पर्याप्त मात्रा में नमी नहीं होने से हल्की सिंचाई करें। खेत में पर्याप्त नमी होने पर बिना जुताई किए जीरो सीड ड्रिल से गेहूं की बोआई करें या धान की कटाई के तुरंत बाद खेत में नमी होने पर 2-3 जुताई कर पाटा चलाना चाहिए। बीज दर 100 से 125 किलोग्राम समय से बोआई करने पर एवं देर से बोआई करने पर 125 से 150 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करें।

पहली सिंचाई बोने के 20-25 दिनों के बाद शीर्ष जड़ प्रवर्तन के अवस्था में करना चाहिए। चने की विल्ट बीमारी से बचाव हेतु ट्राईकोडर्मा से बीज उपचारित करें। चने के जिन खेतों में उकठा एवं कॉलर राट बीमारी का प्रकोप प्रति वर्ष होता है, वहां चने के स्थान पर गेंहूं, तिवडा, कुसुम या अलसी की बुआई करें अर्थात फसल चक्र अपनाए। बीज दर 75-80 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा राइजोबियम कल्चर 6 से 10 ग्राम तथा ट्राईकोडर्मा पाउडर 6-10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। तिवडा की उन्नत प्रजातियों जैसे प्रतीक, रतन, महातिवडा का उपयोग बुआई हेतु करें।

बीज दर 40-50 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा राइजोबियम कल्चर 6 से 10 ग्राम तथा ट्राईकोडर्मा पाउडर 6 से 10 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। सूरजमुखी की उन्नत प्रजातियों जैसे – मॉडर्न, टी.एन.ए.यू., एस.यू.एफ, बी.एस.एच, के.बी.एस.एच., डी.आर.एस.एच – ज्वालामुखी, सूर्या इत्यादि की बुआई करें। सामान्य प्रजाति के बीजों की बुवाई 10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर एवं संकर प्रजातियों का 5 से 6 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर दर बुवाई करें
  

 कृषि वैज्ञानिकों ने सब्जी एवं फल की फसलों के लिए किसानों को सलाह दी है कि  जिन कृषक बंधुओं ने फलों में मुख्यतः अमरूद, चीकू, फालसा, अनार, नींबू में कटाई- सधाई नहीं किए हो तो, अतिशीघ्र कटाई सधाई करें। नींबू वृक्षों में बोरेक्स 100 ग्राम प्रति पौधे एवं मैग्नीशियम सल्फेट 80 ग्राम प्रति पौध डालकर जड़ों की गुडाई करें। मटर में अधिक ठण्ड चूर्णिल आसिता के नियंत्रण हेतु सरल सल्फेल्स 8 उस प्रति 14 लीटर पानी की दर से छिड़काव करना आवश्यक है। 

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